Dr. Manmohan Singh क्यों कहलाए एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ?

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डॉ मनमोहन सिंह क्यों कहलाए एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ?

नमशकर दोस्तो,

पूर्व प्रधानमंत्री Dr. Manmohan Singh की पीएम की कुर्सी पर ताजपोशी को आधार बनाकर ही फिल्म “द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर”की पटकथा लिखी गई है। अनुपम खेर ने रूपहले पर्दे पर मनमोहन सिंह की भूमिका को साकार किया है. सोनिया गांधी का रोल सुजैन  बर्नेट ने निभाया है। जो एक टीवी शो में भी यह किरदार निभा चुकी है. फिल्म में राहुल गांधी की भूमिका में ब्रिटिश मूल के भारतीय कलाकार अर्जुन माथुर और प्रियंका के रोल में अदाकारा अहाना कुमारी है। 11 जनवरी को रिलीज  होने जा रही है यह फिल्म  इसे दक्षिण के मशहूर डायरेक्टर विजय रत्नाकर गुट्टे ने डायरेक्ट किया है।

 Dr. Manmohan Singh क्यों कहलाए एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ?

संजय बारू ने यह किताब पीएमओ की नौकरी छोड़ने के लगभग 6 साल बाद 2014 में लिखने की योजना बनाई थी .यह भी कम आश्चर्यजनक नहीं है की संजय बारू के पिता भी मनमोहन सिंह के साथ काम कर चुके हैं। जब मनमोहन सिंह  देश के वित्त सचिव थे तब बीपीआर विट्ठल उनके फाइनेंस और प्लानिंग सेक्रेट्री थे। संजय बारू मई 2004 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार नियुक्त हुए और वह इस पद पर अगस्त 2008 तक रहे थे। उन्होंने साल 2008 में कुछ निजी कारणों से पद से इस्तीफा दे दिया था .

 

2014 में उन्होंने द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर किताब प्रकाशित कर राजनीति में उथल-पुथल ला दी थी.  कुछ लोग संजय बारू के इस्तीफे को इस किताब से जोड़कर भी देख रहे थे हालाकी संजय बारू बताते हैं कि उनके इस्तीफे और किताब का कोई संबंध नहीं था. वैसे यह भी नहीं भुलाया जा सकता कि भले ही संजय बारू ने 2004से लेकर 2008 तक की अपने अनुभव के आधार पर द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर किताब लिखी  थी लेकिन Dr.  Manmohan Singh  पर एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर का थप्पा काफी पहले 2004 में ही उनके पहली बार प्रधानमंत्री बनते ही लग गया था.

यह भी जान लो:

सबसे रोचक बात जान्ने वाली तो यह है की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कथित रूप से त्याग की मूर्ति बनते हुए अपनी जगह सरदार Manmohan Singh   का नाम प्रधानमंत्री के रूप में आगे कर दिया जबकि कांग्रेस में प्रणब मुखर्जी जैसा कद्दावर नेता मौजूद था . जिनकी अपनी अलग शख्सियत थी प्रणब को कांग्रेस का चाणक्य माना जाता था।

 

अर्थात उनकी राजनीतिक सूझबूझ गजब की थी लेकिन दस जनपथ को पीएम की कुर्सी के लिए एक ऐसा नेता चाहिए था  जो देश से अधिक गांधी परिवार के लिए वफादार हो गांधी परिवार की सोच के फ्रेम में मनमोहन सिंह बिल्कुल फिट बैठते थे। इसीलिए मनमोहन सिंह की प्रधानमंत्री की कुर्सी पर ताजपोशी को एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर कहा जाने लगा।

 

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